हाई से सस्ता, फिर भी महंगा! सोना-चांदी में बड़ा खेल— मौका या खतरा?

Gautam Kumar Agarwal
Gautam Kumar Agarwal

बाजार में अजीब खेल चल रहा है—सोना और चांदी दोनों हाई से भारी गिरावट के बाद भी फिर से चढ़ते दिख रहे हैं। निवेशक कन्फ्यूज हैं—ये मौका है या जाल?

हाई से गिरावट, लेकिन अब भी महंगा

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India पर 24 कैरेट सोना 1,49,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ, जबकि चांदी 2,32,600 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। लेकिन अगर इनके ऑल-टाइम हाई से तुलना करें, तो तस्वीर उलट है— सोना अपने हाई से करीब 53,000 रुपये सस्ता। चांदी करीब 2 लाख रुपये प्रति किलो से ज्यादा नीचे।

यानी बाजार में ‘ऊपर दिख रहा है, पर असल में नीचे है’ वाली स्थिति बनी हुई है।

चांदी: 4 लाख से 2.3 लाख तक का सफर

इस साल जनवरी में चांदी ने इतिहास रचते हुए 4,39,337 रुपये प्रति किलो का स्तर छुआ था। लेकिन उसके बाद गिरावट का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ कि अब कीमत 2,32,600 रुपये पर आ गई है। यानी करीब 2,06,000 रुपये की सीधी गिरावट—जो निवेशकों के लिए झटका भी है और मौका भी।

सोना भी नहीं बचा ‘करैक्शन’ से

चांदी ही नहीं, सोना भी अपने पीक लेवल से फिसल चुका है। जनवरी में 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा सोना अब 1.49 लाख के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह गिरावट दिखाती है कि गोल्ड जैसे ‘सेफ हेवन’ में भी वोलैटिलिटी बढ़ चुकी है

हफ्तेभर में फिर आई तेजी

हालांकि बीते सप्ताह में बाजार ने हल्की रिकवरी दिखाई— सोना: +2395 रुपये प्रति 10 ग्राम। चांदी: +4646 रुपये प्रति किलो। यह तेजी बताती है कि बाजार में अभी भी खरीदारी की दिलचस्पी जिंदा है, लेकिन ट्रेंड पूरी तरह क्लियर नहीं है।

घरेलू बाजार में भी उछाल

Indian Bullion Jewellers Association के अनुसार घरेलू बाजार में भी— सोना 1,42,942 से बढ़कर 1,46,608 रुपये, चांदी 2,21,647 से बढ़कर 2,27,813 रुपये।

यानी यहां भी तेजी दिखी, लेकिन ज्वेलरी खरीदते समय 3% GST और मेकिंग चार्ज कीमत को और बढ़ा देते हैं।

एक्सपर्ट की राय: मौका है, लेकिन सावधानी जरूरी

लखनऊ के स्वर्ण कारोबारी Anand Rastogi का कहना है— “अभी बाजार में जो मूवमेंट दिख रहा है, वो पूरी तरह ट्रेंड कन्फर्म नहीं करता। हाई से गिरावट के बाद जो रिकवरी है, वो शॉर्ट टर्म भी हो सकती है। निवेशकों को जल्दबाजी में बड़ा दांव लगाने से बचना चाहिए और चरणबद्ध निवेश करना बेहतर रहेगा।”

निवेशकों के लिए अलर्ट

बाजार का मौजूदा ट्रेंड साफ संकेत दे रहा है— कीमतें सस्ती दिख रही हैं, लेकिन जोखिम खत्म नहीं हुआ। वोलैटिलिटी ज्यादा है, इसलिए टाइमिंग अहम है।

क्रैश में मौका या ‘फंसने का डर’?

सोना-चांदी फिलहाल एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं, जहां हर उछाल के साथ अनिश्चितता भी बढ़ रही है। निवेशकों के लिए यह वक्त है भावनाओं से नहीं, रणनीति से फैसले लेने का।

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